Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
Loading…
StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat
#Vacation
4 poems
देखो आज है इतवार प्रिये
Dr. Prakhar Dixit · 1 min read · 1.6K reads
उठ जाओ भरतार प्रिये। जी देखो आज है इतवार प्रिये।। बड़े स्वार्थी रसिया बालम करवट बदलो पड़े पड़े। औंधे मुँह तकिया में मुँह जी
Comedy
द्वितीय शनिवार
Anantram Choubey · 1 min read · 1.2K reads
द्वितीय शनिवार छुट्टी का दिन है । खुशियो से कट जाये दिन ।
Drama
गर्मियां
PRATAP CHAUHAN · 1 min read · 267 reads
उसके बाद का दौर कुछ और है गर्मियों का आनंद जो पहले था वह अब नहीं।
Inspirational
रेलगाड़ी
Sandeep Gupta · 2 min read · 308 reads
बच्चों के तो भाग खुले हैं, खिड़कियों पर क़ब्ज़ा जमाते, रेलगाड़ी को खेल गाड़ी बनाते, धमा-चौकड़ी मचा मचा के, किसी को लुभाते,
Others