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StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat
#asilence
63 poems
जी ही कहाँ सके...
PrajnaParamita Aparajita · 1 min read · 206 reads
कुछ रिश्तों में आग, कुछ ज़ख्मों के दाग, और ये ज़िंदगी का बेसुरा राग, जीने कहाँ देती है......
Tragedy
तिल्ली और मैं....
Meena Prajapati · 1 min read · 12.7K reads
उपरोक्त कविता में एक लड़की और एक तिल्ली की तुलना की गई है। मेरा यह मनना है कि कहीं ना कही एक लड़की और एक तिल्ली का जीवन एक समान है। बहुत सी समस्याएं होने के बाद भी दोनों में आत्मविश्वास की कमी नहीं है इसीलिए दोनों स्वतंत्र रहना चाहती हैं।
Inspirational
अर्पण कुमार की कविता 'ट्यूटर'
Arpan Kumar · 1 min read · 7.2K reads
शिक्षक-शिष्य का संबंध...........
Others
ख़ामोशी
Payal Pasha · 1 min read · 6.8K reads
अब ये ज़रूरी तो नहीं कि हर बात पे रोया जाऐ
Others
सिर्फ़ ख़ामोशी
Poonam Matia · 1 min read · 1.5K reads
बाहर न जाने क्यूँ सिर्फ़ ख़ामोशी रह जाती है...!
Drama
खामोशी
Jigyasa Sharma · 1 min read · 1.3K reads
तुमही बताओ अब कैसे हम उस भोर की राह तके ||
Drama
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