by Nikhil Sharma ✓ · 30 Jul 2017
मैं हवा के झोंके सा आस पास छुप जाऊंगा और कभी हो वो उदास, पास आके गुदगुदाउंगा उसके गम को मैं, यूँ हंसी में बदल जाऊंगा
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