by Dr. Madhukar Rao Larokar ✓ · 28 Jul 2019
किसी शायर ने कहा है ये आंसू मेरे दिल की जुबां है। कहता हूँ मैं आंसू की महिमा न्यारी यह आदमी को स्नेही बनाता है।
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