120Log inSign up
Poem · Inspirational

आर्तनाद

by David Singh ✓ · 14 Jun 2017

27KReads
14Likes
2Min read

एक ऐसे पुत्र की विडंबना जिसे उसकी माँ से सभी सु-संस्कार मिले हैं जो इस आधुनिक समय में उसकी राह आसान करने के स्थान पर उसके जीवन की विषमताओं में केवल वृद्धि ही कर रहे हैं. पढ़िए एक पुत्र का, उसकी माँ को संबोधित

Loading comments…

आर्तनाद · StoryMirror