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#aas
2 poems
कितनी विडम्बना
Hasmukh Amathalal · 1 min read · 13.3K reads
हम भी बह जाएंगे सागर की तलाश में हर गली, हर शहर पूछते जाएंगे आप की आस में कहीं से तो मिलेगा आपका अता-पता? बस उसी से हो जाएगा ख़त्म हमारा रास्ता। कितनी विडम्बना
Drama
तेरे आस-पास
Sushant Mukhi · 3 min read · 7.1K reads
मै तुमसे इतना कहता हूँ, दुनिया के लिए दूर सही.. लेकिन तेरे आस-पास ही कहीं रहता हूँ.. मै तुमसे इतना कहता हूँ, दुनिया के लिए दूर सही.. लेकिन तेरे आस-पास ही कहीं रहता हूँ..
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