by Apoorva Singh ✓ · 20 Jun 2019
कविता के आरंभ में अपनी नाकामियों, असफलता में होती झुंझलाहट को हराते हुए कवि एक नए हौसले के साथ आगे बढ़ने की ठानते हुए, और से आस का दामन न छोड़ने की अपील करता है।
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