- रिश्ता तुमसे हैRajiv Jiya Kumar · 1 min read · 179 readsरिश्ता तुमसे तो है न कोई
बतला दो यह क्या कहलाता है।।Abstract
- यह भूमि मेरी===========Rajiv Jiya Kumar · 1 min read · 148 readsलाली और हरियाली
मग्न मन करने वाली
यह भूमि है मेरी।।Others
- एक प्यासा लम्हा रीत गयाAnkur Govind · 1 min read · 7K readsचलते -चलते क्यों लगता है, एक अरसा यों ही बीत गया लगता है पानी के घट से ,एक प्यासा लम्हा रीत गया
झड़ते पत्ते यह कहते है, मौसम का हाल बदलता है पर रोज़-रोज़ यों लगता है, सूरज तो पीछे चलता है
तुम गऐ तुम्हारे साथ गया, उस प्यारे बचपन का आँगनअब फ़ीका -फ़ीका सा, लगता, जीवन का हर कोई बंधन
तेरे काँधे पर सर रखकर, हाँ कितनी रातें काटी हैं सन्नाटों में यह लगता है यह घड़ियाँ हमने बाँटी हैं
अब नई कोपलें खिलती है,तो सकुचाता है मेरा मन आती है कई बहारें भी ,पर ना जाता यह सूनापन Others
- आज़ादीChetan Chakrbrti · 1 min read · 2 readsहै आज जरूरी लड़ ले हम
अपनी लड़ाईअपने वास्ते।
जो फैली है भ्रष्टाचार की
बीमारी हमारी वAbstract
- उनका मुङकर देखनाRajiv Jiya Kumar · 1 min read · 227 readsभूल पाता नहीं अब तो
आपका मुड़कर मुझे देखना।Romance
- मौतNiteesh Joshi · 1 min read · 7.2K readsकभी करीब से देखो मौत को परवानो कि तरह,
तो उसके दामन में गिरे अश्क में भीग जाने को दिल हो ही जायेगा।Inspirational
Loading…