फ़िजा में
गुलाबी -सी ठंडक
गर्मियों में
जब
महसूस होती है
किसी अनजानी
आहट से
तब
सांसे महफ़ूज
होती हैं
मन -तन में
बड़ी अजब
लड़ाई है ये
जनाब
बोली गई हर
बात से
घुंघरू बज -बज टूटते हैं
और कभी
भूख में भी
मन में लड्डू
फूटते हैं ।
फ़िजा में
गुलाबी -सी ठंडक
गर्मियों में
जब
महसूस होती है
किसी अनजानी
आहट से
तब
सांसे महफ़ूज
होती हैं
मन -तन में
बड़ी अजब
लड़ाई है ये
जनाब
बोली गई हर
बात से
घुंघरू बज -बज टूटते हैं
और कभी
भूख में भी
मन में लड्डू
फूटते हैं ।
Loading comments…