मेरे जीवन में पिताजी गणित के अनसुलझे सवाल से रहे
कठिन ,अत्यधिक कठिन
मैं जितना भी प्ल्स माइन्स कोस थीटा करूँ उसके उत्तर में हमेशा केवल उलझा हुआ कोई नया ही प्रश्न प्राप्त हुआ ।
इतने दिनों के अथक प्रयास के बाद भी जब कोई निष्कर्ष नहीं मिला तब मुझे ज्ञान हुआ कि
यहाँ समझने हेतु कोई सूत्र या खण्डन नहीं अपितु जुड़ाव की आवश्यकता है
अर्थात मैंने पिता जी के पास माँ लिख दिया
फिर जो उत्तर प्राप्त हुआ वो है प्रेम जिससे मैं सृजित हुआ हूँ।
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