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Poem · Drama

अन्नदाता की औकात

by मंगल प्रताप चौहान ✓ · 28 Jun 2018

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सारी दुनिया ऋणी है इनकी, ये बात कब तुम जानोगे। दुनिया के पालनहार हैं ये, इनका एहसान कब तुम मानोगे।।

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अन्नदाता की औकात · StoryMirror