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Poem · Others

असमंजस

by Vivek Tariyal ✓ · 29 Aug 2017

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प्रियतम को मिलने जाता हैकिन्तु इस बीच, अपनी प्रियतमा का क्षण भर ख़याल न आता हैसमझदार होना चाहिऐ , क्या मैं हूँ? क्या मैं नहीं हूँ?

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असमंजस · StoryMirror