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Poem · Others

" बापू -- बकरी और बंदर "

by Anupam Tripathi ✓ · 1 Sept 2017

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क्लासिक व्यंग्य/ वर्तमान भारत की तथा-कथा. आजादी के पहले और आजादी के बाद महात्मा गाँधी के योगदान को विस्मृत करना हमारी अक्षम्य भूल होगी ।बापू ! हमारे उत्सर्ग और संघर्ष की कहानी हैं ; इसीलिए तो वे राष्ट्रपिता कहलाये। "बुरा मत कहो--बुरा मत सुनो--बुरा मत देखो"

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