बेचैनियाँ बढ़ सी गयी है,
साँसें थम सी गयी है।
अब तो दिल होश में
होकर भी होश में नहीं,
जब से तेरा दीदार है हुआ,
पतंगे की तरह
हालत हो गयी है मेरी,
जब से तेरा दीदार है हुआ,
बेचैनियाँ बढ़ सी गयी है
बेचैनियाँ बढ़ सी गयी है।
बेचैनियाँ बढ़ सी गयी है,
साँसें थम सी गयी है।
अब तो दिल होश में
होकर भी होश में नहीं,
जब से तेरा दीदार है हुआ,
पतंगे की तरह
हालत हो गयी है मेरी,
जब से तेरा दीदार है हुआ,
बेचैनियाँ बढ़ सी गयी है
बेचैनियाँ बढ़ सी गयी है।
Loading comments…