by Rushabh Shukla ✓ · 9 Sept 2018
तेरी यह सोंधी मिट्टी में, मैंने चलना सीखा| तेरी ये वादीयाँ और फूलों की खुशबू, जिन्हे मै ना अभी तक भूल पाया|
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