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Poem · Tragedy

बेटी की पुकार

by Nishi Singh ✓ · 3 Jan 2019

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बेटी दे कर भी जाने क्यूँ ? लड़की वाले सिर झुकाते है अरे ! सुनो समाज के ठेकेदारों, इस प्रथा के कारण हमें न मारो।

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