Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
Loading…
StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat
#bhagwaan
9 poems
श्रीमद्भागवत - ८; भगवन के अवतारों का वर्णन
Ajay Singla · 3 min read · 32 reads
आत्मा जब परविष्ट हो उसमें तब ये कहलाता जीव है !
Classics
श्रीमद्भागवत -१५३; देवताओं द्वारा ब्रह्मा जी के पास जाना
Ajay Singla · 3 min read · 358 reads
अग्नि मुख, सूर्य नेत्र हैं उनके प्राण से वायु प्रकट हुआ।
Classics
श्रीमद्भागवत -१६५; भगवान् का प्रसन्न होकर अदिति को वर देना
Ajay Singla · 2 min read · 346 reads
श्री शुकदेव जी कहते हैं परीक्षित उपदेश प्राप्त कर पयोव्रत का ।
Classics
श्रीमद्भागवत -१७२; भगवान् के मत्स्य अवतार की कथा
Ajay Singla · 5 min read · 491 reads
एक बार योगमाया से अपनी मत्स्य अवतार धारण किया उन्होंने।
Classics
श्रीमद्भागवत-१६८भगवान् वामन जी का दो ही पग में पृथ्वी और स्वर्ग को नाप लेना
Ajay Singla · 2 min read · 178 reads
दूसरा पग ही ऊपर जाते हुए सत्यलोक में वो पहुँच गया।
Classics
श्रीमद्भागवत - १९८ ; भगवान् का गर्भ प्रवेश और देवताओं द्वारा गर्भ स्तुति
Ajay Singla · 4 min read · 446 reads
शुकदेव जी कहते हैं, परीक्षित कंस एक तो बली था स्वयं ही।
Classics
Loading…
Next page →