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#bhakti
8 poems
श्रीमद्भागवत -५२ ;भक्ति का मर्म और काल की महिमा
Ajay Singla · 2 min read · 202 reads
देवहूति पूछें कपिल जी से कि प्रकृति, पुरुष और महतत्व आदि का !
Classics
श्रीमद्भागवत १ ;नारद की भक्ति से भेंट
Ajay Singla · 4 min read · 130 reads
माया मोह से पीछा छूटे और भक्ति और ज्ञान मिल जाये!
Classics
काली
Nitu Mathur · 1 min read · 363 reads
जगत जननी बना के जो पूजते हो मुझे, क्यूं दुत्कारी जाती हूं हर जगह ..
Tragedy
अम्बे मां
Nitu Mathur · 1 min read · 298 reads
तू वरदायनी, सुख दायिनी जगदंबे माँ करो कृपा और विनती सुनो माँ •••
Others
बनारस
Rajesh Singh · 1 min read · 206 reads
तू बाबा मशान में रंग जमाती मैं गुरुद्वारे में लंगर खाता।
Classics
प्रेम क्या है?
Anu Chatterjee · 1 min read · 393 reads
सर्वस्व, समग्र, व्यथा हरि हारा, तेज़ में मित्र ये भक्त तुम्हारा।
Others
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