by Indu Singh ✓ · 31 Jul 2017
जब आया साँसों का अंत डूबने लगा जीवन सूर्य तब ये राज़ समझ आया कि जिसे समझते रहे वजूद अपना वो तो बस, कद से बड़ा देह का साया था ।
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