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Poem · Drama

बजट- अतुकांत

by Vikash Kumar ✓ · 30 Jul 2018

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ये कूड़ा जिसको कल भी मेरे नेता पैदा करते रहेंगे, और मैं टटोलूंगा कल भी इस कूड़े में अपनी किस्मत को ।

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