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Poem · Romance

"बरसात तुम हो..."

by Vandana Verma ✓ · 8 Aug 2017

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बीती शामतेरी यादों का धुंआमेरे दिल से उठाऔर मेरी बंद पलकों सेजा टकरायाकुछ बूंदें बरस गयीं...लोग कहते हैं,कल शाम बहुत बरसात हुई...!

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"बरसात तुम हो..." · StoryMirror