Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
Loading…
StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat
#detihai
11 poems
इंसान बना देती है
PRATAP CHAUHAN · 1 min read · 233 reads
इंसानियत इन्सान को, इंसान बना देती है।
Inspirational
देश
Ashokkumar Shah · 1 min read · 14.1K reads
देश बदल रहा है नया सूरज निकल रहा है
Inspirational
कितना है प्यार तुझ में माँ
Arshad Mirza · 1 min read · 364 reads
है कितने रूप तेरे माँ जग में सबसे प्यारी तू है कितने रूप तेरे माँ
Others
भूला नहीं हूँ मैं........
Vikash Rishi · 1 min read · 6.8K reads
भूला नहीं हूँ मैं, याद है मुझे बातों से झड़ते फूलों की ख़ुशबू
Romance
जमाना बदल गया है
कवि प्रताप चौहान "प्रहरी" · 1 min read · 291 reads
रब्बा भी चर्चा का विषय बन जाता था! हर कोई रब्बा में बैठने के लिए ललचाचा था।
Children Stories
श्री रामधारी सिंह दिनकर (श्रृद्धांजलि)
Kavi Vijay Kumar Vidrohi · 1 min read · 14.1K reads
बिहार चुनाव के कीड़ों की भूख इतनी बढ़ चुकी थी,जातिवाद की फसल इतनी विकसित हो चुकी कि, अब कवियों की जाति तक का पता लगाना इनका कार्य रह गया है । समाचार के अनुसार राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जाति जानने की अभिलाषा भी राजनीति का हिस्सा बना बैठे हैं । अब लगता है साहित्य जगत जो अभी तक आरक्षण से अछूता था ...वह भी । एक छोटी सी रचना निवेदन कर रहा हूँ । पूर्ण समर्थन का आशार्थी - विद्रोही
Others
Loading…
Next page →