by Mukund Krishna ✓ · 19 Jul 2019
तू नाश करे - तू विनाश करे और मैं सह - सह चुप रह जाऊं तू मेरा शोषण करता रहे और मैं बैठी हां पछताऊं तू धूप में जब भी चलता है पेड़ों की छाया देती हूँ
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