एक मुट्ठी माटी
दो हाथ का जादू
एक रुई की बाती
और थोड़ा सा तेल।
तेरे और उसके घर
की रोशनी का मेल
उसके दिए से हुआ
रोशन तेरा आशियाँ।
तेरे दीए सेआएँगी
घर उसके भी ख़ुशियाँ।
एक मुट्ठी माटी
दो हाथ का जादू
एक रुई की बाती
और थोड़ा सा तेल।
तेरे और उसके घर
की रोशनी का मेल
उसके दिए से हुआ
रोशन तेरा आशियाँ।
तेरे दीए सेआएँगी
घर उसके भी ख़ुशियाँ।
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