
आज दिल की पंचायत बुलाई ।लगाऐ आरोप उसने मुझ पर कई ।।ख़ुश थी बहुत ये जानकर ।मेरी तरफ़ लेने वाला कोई भी नहीं ।।अरे मुझे साथ की क्या ज़रुरत ।क्या ज़माना मेरी मोहब्बत का गवाह नहीं ।।बेकसूर हुआ मैं साबित ।फिर भी तुम्हें कोई एहसास नहीं ।।------- रमन शर्मा हिमाचली
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