120Log inSign up
by Karuna Madhu Vinod Gurungदुआ और उम्मीद
Details

उस राह पर थे हम भी चले खुद को मजबूर ना कह,

पैरों पे छाले हमने भी थे सहे खुद को तो गरीब ना कह,

मुस्कुरा, हौसला रख,वो मलिक आज भी है तेरे साथ खड़े !

Loading comments…