by Aaryan Chandra Prakash ✓ · 21 Aug 2017
"मैं अक्सर जब लिखने बैठता हूँ,वह मेरे साथ बैठ जाया करती है.दीदी,मेरी छोटी बहन.मैं कुछ लिखता हूँ और वह कुछ पूछती है.यह सिलसिला चलता रहता है और कुछ नया निकल आता है,इस नयेपन का हम दोनों हिस्सा होते है.आइये एक नवीन हिस्से से आपको रु-ब-रु करवाएं"
Loading comments…
Loading comments…