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#expression
5 poems
क़लम पुनः मैं उठाता हूँ
Prateek Tiwari (तलाश) · 1 min read · 6.9K reads
करने को अंकित कुछ अपने निशाँ आज क़लम पुनः मैं उठाता हूँ ।
Drama
आहिस्ता
Saumya Singh · 1 min read · 62 reads
आहिस्ता आहिस्ता पहली दफा हमें भी इश्क हुआ।
Romance
इश्क ~ए ~बीमारी
Praveen Gola · 1 min read · 160 reads
फलक पे सितारों के संग ,तुझे याद किया .... यूँ ही सारी दुनिया ने ,हमे बदनाम किया।
Romance
शब्द मेरे साथी
Nitu Mathur · 1 min read · 236 reads
मेरे दिल का हर राज़ लेते हुए नील स्याह बन गिरते।
Classics
अभिव्यक्ति
Swetapadma Mishra · 1 min read · 233 reads
बोलो तो हमारी संबध की व्याप्ति क्या केवल इन शब्दों तक है।
Romance