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Poem · Drama

फ़ौजी की बेटी...

by Swati Mishra ✓ · 3 Sept 2018

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बाबा के संग हर लम्हे को, खुल कर मैं रोज़ जी लेती हूँ, इमरजेंसी के सायरन को कुछ ऐसे, जीवन में सी लेती हूँ।

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फ़ौजी की बेटी... · StoryMirror