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Poem · Tragedy

फ़िर भी ना जाने क्यों

by Shakuntla Agarwal ✓ · 22 Mar 2019

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आँखों के चिरागों से , उनको रोशन कर दिया ! फ़िर भी धुँधलापन लिए , हम अंधेरों में गुम हुए ! फ़िर भी ना जाने क्यों ,

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फ़िर भी ना जाने क्यों · StoryMirror