Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
#for
28 poems
इतिहास पुकार रहा है!
Abhishek Arya · 1 min read · 6.7K reads
तुम हो ऐसे वीर कि शिला को पिघला सकते होंहै तुम में शक्ति कि पानी में आग लगा सकते हों,
Others
मेरी अभिव्यक्ति- एक रूदन
Rachana Chavan · 1 min read · 293 reads
प्रस्तुत काव्य कवयित्री लिखित एवं निर्मित "पावन पौधा प्रीत का" नामे काव्यसंग्रह का संग्रहित भाग हैं
Abstract
मेरी ख़ामोशी
Nitu Mathur · 1 min read · 412 reads
कि ये सब गवाह हैं, जिम्मेदार हैं, बस मेरी ख़ामोशी के,
Abstract
एक हाउसवाइफ
nutan sharma · 1 min read · 284 reads
शाम सवेरे तुम तो बस खुद में ही खोई रहती हो।
Abstract
काफ़िला
Goldi Mishra · 1 min read · 152 reads
बंजारे है हम राहों के हमें खोजने अपने ठिकाने है।
Inspirational
माँ का अंश
Dr Sangeeta Gandhi · 1 min read · 14.3K reads
बेटे के दूर जाने की पीड़ा में उसकी स्मृति में डूबी और दुखी माँ की वेदना का स्वर -माँ का अंश |
Others
Loading…
Next page →