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Poem · Others

घाव

by Gantantra Ojaswi ✓ · 19 Aug 2017

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तुमने जो छोड़े घाव दिलों पर, सागर से ज़्यादा गहरे थे... तुमने समझा निकल पड़े हम लेकिन हम तो ठहरे थे।

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घाव · StoryMirror