by Ankita kulshrestha ✓ · 1 Feb 2020
सुर्ख़ लबों से हँसकर उसने दिल की हाँ में हाँ भर दी कितनी रातें रोए हैं तब दिन आया शहनाई का। ये सारी दौलत ले लेना ख़ारों पर चलवा लेना साँसें भी ले लेना पर मत लेना नाम जुदाई का।
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