120Log inSign up
Poem · Drama

गम

by Sous Chef ✓ · 4 Aug 2018

2.6KReads
8Likes
1Min read

मुझे फरेब नहीं आता ग़ालिब जो है वो है ! कि बस मत पीने दो उन्हें और ये इम्तेहान इश्क का है, गम का नहीं !

Loading comments…

गम · StoryMirror