by Ashish Aggarwal ✓ · 24 Aug 2017
बचपन में तेरी उंगली पकड़कर चलना, गोदी की पालकी में सुकून से पलना, तेरी लोरी में चाँद तारों से मिलना, तेरे दूर होते ही रोते-रोते आंखें मलना, तेरे साथ वो हंसना, खेलना और उछलना।
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