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#haamainronachahtahu
6 poems
हाँ! मैं रोना चाहता हूँ!
Pranay Gupta · 2 min read · 7.2K reads
हम सब की ज़िन्दगी में कभी न कभी ऐसे हालात पैदा हो जाते है जब हम अपनी हिम्मत हारने लगते है। ऐसे समय में लड़कियाँ तो रोकर आपना मन हल्का कर लेती हैं परंतु समाज की कुछ खोखली धारणाओं के तहत लड़को को रोने का मौका भी नही मिल पाता। ऐसे समय में हमे बस अपने बचपन की याद आती हैं और हम सोचते है कि काश हम वापिस अपने बचपन में जाकर बस वही रह जाते क्योंकि तब कोई पाबन्दी नही थी खुलके हँस या रो सकते थे। कुछ गलतियाँ जो हमसे अनजाने में हो गयी थी, काश हम उन गलतियों को सही कर पाते। ऐसी ही कुछ गलतियाँ मुझसे भी अपनी ज़िन्दगी में हुई जिनमे सबसे बड़ी गलती थी बड़ा होना। उन परेशानियों के वक्त आम इंसान दुखी होकर बैठ जाता है पर एक कवि ऐसी हीं परिस्थितियों में अपनी कविताएँ लिखता है। ऐसी ही परिस्थिति में लिखी गयी एक स्वरचित कविता आपके समक्ष प्रस्तुत हैं जिसका शीर्षक है "हाँ! मैं रोना चाहता हूँ!!!"
Drama
मेरे बारे में........
Vikash Rishi · 1 min read · 6.8K reads
ज़िन्दगी ने हमसे कोई ख़्वाहिश की तो होगी। मुकर जाना करके वादे निभाने के सियासतदानों से उसकी पहचान पुरानी होगी।
Others
तेरे आस-पास
Sushant Mukhi · 3 min read · 7.1K reads
मै तुमसे इतना कहता हूँ, दुनिया के लिए दूर सही.. लेकिन तेरे आस-पास ही कहीं रहता हूँ.. मै तुमसे इतना कहता हूँ, दुनिया के लिए दूर सही.. लेकिन तेरे आस-पास ही कहीं रहता हूँ..
Others
वक्त.....
Sakera Tunvar · 1 min read · 306 reads
मैं इस लम्हे को तेरे लिए... अगले पल तक रोक ना पाऊंगा....
Tragedy
मैं सिंगल हूँ
SHIVAM CHANDER · 1 min read · 372 reads
मेरे अपनों से इसीलिए सिंगल हूँ मैं हा, मैं सिंगल हूँ।
Inspirational
हर तरफ रोशनी सी है
Tanha Shayar Hu Yash Pal · 1 min read · 275 reads
बताओं क्या दुनिया में कमी सी है। हर तरफ रोशनी सी है।
Classics