by Nikhil Sharma ✓ · 31 May 2017
कुछ अनसुने से ख्वाब आए आँखों में सुना दी कुछ हसरतें, बातों बातों में फिर कह दिया, यह सिर्फ बातें हैं चलो इस तरह बतियाते तो हैं जवाब में थी हंसी कि
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