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17 poems
नसीहत
Shubham Harwani · 1 min read · 1.3K reads
सबका ही है अपना रोना, क्या तेरी बात सुुनेगा कोई ?
Drama
मेरी बहन भी चिल्लायी थी
Prerna Kumari · 1 min read · 7.4K reads
आँखों में उसके दर्द था । वो नहीं चाहता था कि जो उसकी बहन के साथ हुआ वो किसी और के साथ हो। और इसलिए उन सङकों पर अकसर घूमा करता था। उसका मकसद बस उन्हें इस बात का अहसास कराना था कि लोग मदद करने से बेहतर तमाशा देखना पसन्द करते हैं। और हमें अपनी मदद खुद करनी चाहिए । आशा है मेरी इस कविता का सकारात्मक प्रभाव जरुर पङेगा और समाज सुधरेगा।
Comedy
#हो_सके_तो
Nitish Diwan · 1 min read · 7K reads
दुआ करो जाने अनजाने किसी का दिल ना दुखा हो गर दुःखा हो तो ताउम्र उनकी खुशियों की दुआ दो।
Inspirational
दिल टूट रहा है
Axay Kumar · 1 min read · 82 reads
जाने क्यों होता है टूटना जुड़ना पर मैं तेरी जुदाई ना सह पाता हूं!
Tragedy
साथी हाथ बढ़ाना
Reena Ughreja · 1 min read · 11.6K reads
पास कोई जब तुम्हारे ना हो, बुला लेना हमें।
Others
प्रवासी बन गया वो
Deepti singh · 1 min read · 11.7K reads
यह कैसा जुनून है, इस भूख का, जो भी मिला बस मजबूर मिला।
Tragedy
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