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#hindiwriting
4246 poems
आजमाया था......
Vijay Gohel · 1 min read · 207 reads
और "साहील" वो समझा की, मुझे अपनेदम हराया था।
Classics
ज़रुरत
Kavita Sharma · 1 min read · 165 reads
बस बेवज़ह इच्छाओं को ज़रूरत हो जितनी बस उतनी बढ़ाओ।
Inspirational
समझौता
Vani Takawane · 1 min read · 199 reads
ये वक्त सिखाता गया और हम सीखते गये समझौता करना हालात से, समझते गये।
Others
मैं स्त्री हूँ
Bhawna Shastri · 1 min read · 45 reads
त्याग भी हूँ मैं स्वार्थ भी हूँ ममता हूँ बलिदान भी हूँ मैं मै स्त्री हूँ।
Action
सुर्ख पड़ी बगियाँ है
Hardik Mahajan Hardik · 1 min read · 72 reads
नज़्म की रंगरलिया हैं, अज़्म की गुस्ताखियाँ हैं।
Others
रात एक खिड़की है
Hardik Mahajan Hardik · 1 min read · 69 reads
खिड़की खोलकर घर मे घुस जाते हैं,जब हम सभी सो जाते हैं।
Abstract
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