मुश्किल है यूँ मेरे लिए प्यार जताना
बिन कुछ कहे सब कह जाना
मन की बातें कैसे कहूँ तुमको ये मैंने न जाना
है अजब ये कहानी मुझे तुमको सुनाना
मन मे उठी है एक लहर तुझसे जुड़ी
कैसे दिखाऊँ अपनी बेचैनी तुमको नही जाना
अपने रिश्ते को कैसे क्या नाम दूं
खालीपन जो हुआ है मन मे कैसे भरूँ
अपनी अनछुई मासूम मोहब्बत को क्या नाम दूं
है ना अजीब ये बात चाह कर न कह सकूँ
हर रिश्ता हर जज़्बात अलग कहानी कहता है
बहुत मुश्किल है खुद पर काबू रख पाना
समझो न जाना कितना मुश्किल है
मेरे लिए तुमसे यूँ दिल लगाना
पर अपना तुमको बनाना अरमान है मेरा
कहते हैं ना प्यार इम्तहान लेता है
पर मेरे इम्तिहान की तो कोई सीमा नही
पर दिल इतना बेकरार है कसम से
हद से ज्यादा हमको सिर्फ तुमसे प्यार है।
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