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Poem · Others

ह्रदय की पुकार

by Suneeta Mohata ✓ · 4 Oct 2020

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हे प्रभु! मुझ पापी का ना बहिष्कार कर, पिता है तू तो बस, मेरे जीवन का परिष्कार कर।

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ह्रदय की पुकार · StoryMirror