120Log inSign up
Poem · Others

इक ख़त भगवान् को

by Nikhil Sharma ✓ · 20 Jun 2017

13.1KReads
10Likes
1Min read

तुने ही बनाया था दिल, उसमें भरी चाहत , तो क्यूँ किसी ने इसे तोड़ने की कोशिश की थी ??जवाब तू शायद न दे, क्यूंकि दुनिया पे हुकूमत तेरी है और इस दुनिया को जरुरत तेरी है ... 

Loading comments…

इक ख़त भगवान् को · StoryMirror