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#independencestruggle
83 poems
एक स्वप्न देखा था मैंने
Manshali Pandit · 1 min read · 14.4K reads
एक स्वप्न देखा था मैंने खुदीराम बोस नाम अमर करने का !
Drama
तुम भी आज़ाद हो
Habib Manzer · 1 min read · 1.3K reads
नोच लो जिस्म जिसका तुम चाहो बोल दो वक्त अब हमारा है छोड़ दो पाप पुण्य धर्म समाज कह दो आज़ादी तुमको प्यारा है
Drama
आज़ादी
Vipul Borisa · 1 min read · 7K reads
आज़ादी के इतने सालों बाद देश की हकीकत बयाँ करती एक कविता...
Drama
नियति
Asha Pandey · 1 min read · 7K reads
और जीती हूँ जीवनभर शालीनता के पिंजरे में घुट-घुट कर |
Drama
आज़ाद कुआँ
Sharique Imbesat · 1 min read · 6.8K reads
ये कविता सरहद पर बने एक कुँऐ के बारे में है जो दोनों तरफ के विवाद से परेशान है। ये कविता स्वतंत्रता दिवस के लिऐ लिखी गई है। तो आइऐ जानते हैंं स्वतंत्रता और उससे जुड़े विवाद के बारे में।
Drama
आज़ादी हो गई इतनी सस्ती
RockShayar Irfan · 1 min read · 6.7K reads
सिर्फ दो दिन नहीं, पूरे साल ये जश्न चलता रहे दिन दूनी रात चौगुनी, तरक्की वतन करता रहे।
Drama
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