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Poem · Others

इंकलाब

by Anita Jain ✓ · 29 Aug 2017

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रंजो गम नही,करना जतन खुद को गर बदल सको    किसने क्या प्रयास किया, पूछना खुदसे सवाल है सोई चेतना को जगाकर, इंकलाब लाना ही होगा

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