120Log inSign up
by Sapna Shrivastavaइंतज़ार
Details

बिन बोले ही जब बात बनें,

आँखों में संवाद चले,

शब्द जहाँ पर हो खामोश,

मौन मुखरित हो उठे जहाँ।


बाहर अमावस रहे भले,

पर अंतस में पूरा चांद खिले,

विरह का दुख जब भारी हो,

जब इंतजार से प्रीत लगे।


मुझे उस पल,

उस क्षण में जीना है,

चहुँओर जहाँ पर प्रेम फले।

Loading comments…