by Rashmi Prabha ✓ · 28 May 2019
लोग अपने दर्द से निजात चाहते हैं मैं अनदेखे दर्द को जीती हूँ ढूंढती हूँ शून्य में उन दृश्यों को जो पलभर पहले नए ख़्वाबों के पंख लिए निकले थे आत्मविश्वास की चाल खुद पे नाज की मुस्कान ओह कितनी मीठी सी मुस्कान थी उन आँखों की !
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