by Sweta Kansal ✓ · 15 Aug 2017
ज़िंदगी, इसके बारे में जितनी बातें की जाए उतनी ही कम पड़ती है. क्या कहे क्या नही, ये सोचने में ही उम्र निकल जाती है. कुछ लोगों का साथ छूट जाता है, तो कोई साथ-साथ रहता है...इसी कशमकश को मैंने अपने शब्दो में पिरोया है...
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