अच्छी बुरी जैसी भी है
यारों जिंदगी से प्यार करिए
चाल इसकी आड़ी तिरछी
कभी खुशी कभी गम
कभी होठों पर हंसी
और कभी आंखे नम
दो दिन की जिन्दगी
मौज से बिता दीजिए
दुआओं पे ऐतबार करिए
मंजिल से बेखौफ
आंखे चार करिये
चेहरे पर मुस्कान धर
सबका स्वागत करिए
चाहे कोई अपना हो
या हो अजनबी
हर दिल से प्यार करिए
जैसे भी रंग दिखाए
बिना घबराए, देखते चलिए
अच्छी बुरी जैसी भी है
यारों जिन्दगी अपनी है
इस जिन्दगी से प्यार करिए
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