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Poem · Others

काक विहग

by कीर्ति जायसवाल ✓ · 10 Dec 2019

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सूर्य जो आए लुप्त हो 'चंदा', चंदा जो आए 'सूर्य' भी ओझल। सूर्य क्या जाने 'चंदा' भी कोई

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काक विहग · StoryMirror