by Meenakshi Sukumaran ✓ · 6 Aug 2017
कैसे कह दूँ राम हुई सिर्फ गंगा मैली जब हो चुकी सभ्यता , संस्कृति, रिश्ते सभी दूषित .... अपने हुए अजनबी अनमने पराये पिरोये अपनत्व के हार
Loading comments…
Loading comments…